निवेशकों से कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई, गोवा और ग्रेटर नोएडा की संपत्तियां अटैच
लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निवेशकों से कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में भसीन ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 240 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 389 संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) कर ली हैं। ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 700 करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है।
ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय के अनुसार यह कार्रवाई भसीन इंफोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल टॉवर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में आरोपी सतिंदर सिंह भसीन को ईडी पहले ही मई 2026 में गिरफ्तार कर चुकी है।
गोवा और ग्रेटर नोएडा की संपत्तियां जब्त
ईडी ने गोवा में इंडिया ओशन वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड और गोवा कनेक्ट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खरीदी गई करीब 37 करोड़ रुपये की पांच अचल संपत्तियां अटैच की हैं।
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा स्थित ग्रैंड वेनिस मॉल में लगभग 203 करोड़ रुपये मूल्य की 384 कमर्शियल यूनिट और दुकानें भी जब्त की गई हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन संपत्तियों का हस्तांतरण कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और लेनदेन के माध्यम से किया गया था।
क्या हैं आरोप?
ईडी के मुताबिक, भसीन ग्रुप ने ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स परियोजना में निवेशकों को आकर्षक रिटर्न और समय पर कब्जा देने का वादा किया था। आरोप है कि निवेशकों से बड़ी राशि लेने के बाद न तो समय पर संपत्ति का कब्जा दिया गया और न ही उनकी रकम लौटाई गई।
जांच में यह भी आरोप सामने आया कि निवेशकों से जुटाई गई धनराशि को समूह की अन्य कंपनियों में स्थानांतरित किया गया, ताकि वास्तविक वित्तीय लेनदेन को छिपाया जा सके।
यूपी और दिल्ली में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच
ईडी ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इससे पहले अप्रैल 2025 में ईडी ने भसीन ग्रुप के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए थे।







