एटा/जलेसर। तहसील बार एसोसिएशन, जलेसर की कार्यकारिणी बैठक में अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दो अधिवक्ताओं की सदस्यता छह-छह वर्ष के लिए समाप्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। यह फैसला संगठनात्मक अनुशासन और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर लिया गया।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव (एडवोकेट) ने बताया कि मंगलवार को उनकी अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारिणी बैठक में विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बार एसोसिएशन द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार अधिवक्ता नवनीत कुमार को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
बार एसोसिएशन के अनुसार, नवनीत कुमार पर निबंधन प्रणाली के विरोध में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान बार पदाधिकारियों के प्रति अमर्यादित एवं अनुशासनहीन व्यवहार करने तथा बाद में संगठन के अध्यक्ष और महासचिव के विरुद्ध कथित रूप से भ्रामक शिकायतें प्रस्तुत करने का आरोप था। कार्यकारिणी ने उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया।
इसी प्रकार अधिवक्ता बृजकिशन शर्मा के मामले में भी कार्यकारिणी ने आरोपों की समीक्षा की। प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि उन्हें भी पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। कार्यकारिणी ने उनके आचरण को अधिवक्ता मर्यादा एवं संगठनात्मक अनुशासन के प्रतिकूल मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की।
बैठक में उपस्थित कार्यकारिणी सदस्यों ने सर्वसम्मति से दोनों अधिवक्ताओं की तहसील बार एसोसिएशन, जलेसर की सदस्यता छह-छह वर्ष के लिए समाप्त करने का निर्णय पारित किया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि इस अवधि के दौरान दोनों अधिवक्ताओं को बार एसोसिएशन की ओर से किसी भी प्रकार का संगठनात्मक सहयोग उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।






