50 पदकों का आंकड़ा पार, दिलीप गावित और सिमरन शर्मा ने जीते स्वर्ण
नागोया/आइची। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारत ने पदकों का अर्धशतक पार कर लिया। धावक दिलीप महादू गावित और सिमरन शर्मा ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। दिलीप ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में गेम्स रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सिमरन ने महिलाओं की 100 मीटर टी12 दौड़ में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इससे पहले सिमरन महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में भी गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीत चुकी थीं। इस तरह उन्होंने प्रतियोगिता में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने पैरा एथलेटिक्स के अलावा शॉटपुट, ऊंची कूद, तीरंदाजी और अन्य स्पर्धाओं में भी पदक जीतकर देश की पदक तालिका को मजबूती दी।
दिलीप गावित ने आखिरी 30 मीटर में पलटी बाजी
भारत के दिलीप महादू गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्प्रिंट स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेलों में इसी वर्ष 100 मीटर टी47 स्पर्धा का स्वर्ण जीत चुके गावित ने एशियन पैरा गेम्स में भी अपनी श्रेष्ठता साबित की।
दौड़ की शुरुआत में गावित अपेक्षाकृत पीछे थे, लेकिन अंतिम 30 मीटर में उन्होंने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली। दौड़ के अधिकांश हिस्से में आगे चल रहे भारत के मोहम्मद मोर्सिंगनाकथ को उन्होंने अंतिम चरण में पीछे छोड़ दिया। गावित ने गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता और भारत के पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया।
सिमरन शर्मा ने दूसरी बार फहराया तिरंगा
भारतीय धाविका सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर टी12 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड के साथ दौड़ पूरी की। इससे पहले वह महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं।
सिमरन का लगातार दो स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतना भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी शानदार गति और प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
प्रवीण कुमार और आयुष वर्मा ने भी जीते स्वर्ण
भारत के प्रवीण कुमार ने पुरुषों की टी64 ऊंची कूद स्पर्धा में गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपलब्धि में एक और बड़ा अध्याय जोड़ा। उन्होंने अपने खिताब का बचाव करते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
वहीं, आयुष वर्मा ने पुरुषों की एफ53 शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धियों को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रवीण कुमार का गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतना उनकी निरंतरता और बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है। आयुष वर्मा की सफलता को भी उन्होंने भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का विषय बताया।
प्रीति पाल को रजत, रवि रोंगाली ने जीता कांस्य
भारत की स्टार पैरा एथलीट प्रीति पाल ने महिलाओं की टी35 वर्ग की 100 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। उन्होंने फाइनल में 13.98 सेकंड का समय निकाला। चीन की शिया झोउ ने 13.57 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
पुरुषों की एफ40 गोला फेंक स्पर्धा में भारत के रवि रोंगाली ने 10.02 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास दूसरे थ्रो में आया। इराक के घर्राह तुनायाश ने 10.78 मीटर के साथ स्वर्ण और मलेशिया के गण-एरदेने गनसुख ने 10.30 मीटर के साथ रजत पदक जीता।
इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों अनुभव चौधरी और राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीते। बंटी ने पुरुषों की ऊंची कूद में रजत पदक हासिल किया। पैरा तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक जीता।
पैरा एथलेटिक्स बना भारत के पदकों का सबसे बड़ा आधार
प्रतियोगिता के तीसरे दिन तक भारतीय दल को पैरा एथलेटिक्स से सबसे अधिक पदक मिले। इसके अतिरिक्त पैरा शूटिंग, पैरा तैराकी, पैरा टेबल टेनिस, पैरा जूडो, पैरा पावरलिफ्टिंग और पैरा तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते।
उपलब्ध खेलवार आंकड़ों में पैरा एथलेटिक्स के 31 पदक दर्ज थे। पैरा टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने पांच कांस्य पदक जीते, जबकि पैरा शूटिंग में भी भारत के खाते में चार पदक आए।
हालांकि, लाइव अपडेट में अलग-अलग समय पर कुल पदकों के आंकड़ों में अंतर दिखाई दिया है। दिलीप गावित के स्वर्ण पदक के बाद भारत के 51 पदकों तक पहुंचने का उल्लेख किया गया, जबकि इससे पहले की तालिका में 47 पदक दर्ज थे। इसलिए अंतिम पदक संख्या और तालिका की पुष्टि आधिकारिक अपडेट से किया जाना उचित होगा।
भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन एशियाई स्तर पर पैरा खेलों में देश की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। प्रतियोगिता में अभी आगे भी पदक जीतने के अवसर हैं और भारतीय दल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।





















