लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह मजदूरों के लिए बनाए गए तीन मंजिला लेबर कैंप में भीषण आग लग गई। पीवीसी से बने कमरों में आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में करीब दर्जनभर कमरे इसकी चपेट में आ गए। आग लगते ही कैंप में मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और सभी सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन, पुलिस और फायर कंट्रोल रूम को जानकारी दी गई।
जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट परिसर में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड की ओर से एक फाइव स्टार होटल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में करीब चार हजार मजदूरों के काम करने की बात सामने आई है। टर्मिनल बिल्डिंग से करीब 500 मीटर दूर मजदूरों के लिए अस्थायी पीवीसी कैंप बनाए गए हैं। इनमें तीन मंजिला बिल्डिंग में करीब 33 कमरे हैं, जहां करीब 400 मजदूर रहते हैं। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में आग लगी, जिसमें उस समय 12 मजदूर मौजूद थे। आग फैलते ही सभी मजदूर बाहर निकल आए।
आग ने कुछ ही समय में कई कमरों को अपनी चपेट में ले लिया। इसी दौरान कमरों से तीन तेज धमाके भी हुए, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कमरों में खाना बनाने के लिए रखे एलपीजी सिलेंडर आग की चपेट में आने के बाद फटे। सरोजनीनगर फायर स्टेशन के एफएसओ सुमित प्रताप सिंह के नेतृत्व में दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जबकि एयरपोर्ट की एक दमकल गाड़ी भी आग बुझाने में लगाई गई। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हादसे में बिहार के सहरसा निवासी मजदूर निर्मल (30) झुलस गए, जबकि प्रतापगढ़ के सालीपुर निवासी राहुल कुमार (26) दूसरी मंजिल से कूदने के दौरान घायल हो गए। दोनों को कृष्णानगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग में करीब दर्जनभर कमरों में रखा मजदूरों का कपड़ा, खाने-पीने का सामान, रुपये और अन्य सामान जलकर राख हो गया। एफएसओ के मुताबिक शुरुआती जांच में ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में खाना बनाते समय सिलेंडर से आग लगने की बात सामने आई है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।





















