लखनऊ। सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के पिपरसंड शाखा डाकघर में खाताधारकों और सरकारी धन के गबन के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे पूर्व शाखा डाकपाल रौनक शुक्ला (24) को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी था। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया।
डाक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, रौनक शुक्ला पर विभिन्न खातों से कुल 3.03 लाख रुपये के गबन का आरोप है। पश्चिमी उपमंडल एवं अतिरिक्त प्रभार दक्षिणी उपमंडल के सहायक अधीक्षक डाकघर हरिहरनाथ मणि त्रिपाठी ने चार अप्रैल 2025 को सरोजनीनगर थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, 24 जनवरी 2025 को विभागीय सॉफ्टवेयर में पिपरसंड शाखा डाकघर का अंतिम शेष 1.83 लाख रुपये दर्ज था, लेकिन जांच के दौरान डाकघर में नकदी नहीं मिली और अभिलेख भी गायब पाए गए।
रिपोर्ट में मुन्नी देवी और आशा देवी के बचत खातों से कथित तौर पर रकम निकाले जाने का भी उल्लेख किया गया था। आरोप है कि मुन्नी देवी के खाते से 22 से 24 जनवरी तक प्रतिदिन 20 हजार रुपये और आशा देवी के खाते से तीन, चार तथा 12 दिसंबर को प्रतिदिन 20 हजार रुपये निकाले गए। इन दोनों खातों से कुल 1.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। विभागीय अधिकारी ने यह भी बताया था कि आरोपी से 1.83 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि शेष रकम की वसूली के प्रयास किए जा रहे थे। अन्य खाताधारकों की शिकायतें सामने आने की बात भी कही गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 24 जनवरी से ही कार्य से अलग कर दिया गया था। ग्राम प्रधान रामनरेश पाल ने भी ग्रामीणों की ओर से एक मार्च को तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसके चलते उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। लगातार तलाश के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पीजीआई क्षेत्र के तेलीबाग स्थित गांधीनगर निवासी रौनक शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।





















