सरोजनीनगर, लखनऊ: बिजनौर थाना क्षेत्र के अनूप खेड़ा मजरा माती निवासी कुंदन सिंह यादव ने कमलापुर निवासी ईश्वर दीन यादव पर हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद विवादित भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए जमीन पर चल रहे काम को रोकने के लिए कहा, तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मामले में बिजनौर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कई खसरा नंबरों की जमीन का विवाद
कुंदन सिंह यादव के मुताबिक, अहमदपुर उर्फ कमलापुर स्थित कई खसरा नंबरों की भूमि के लिए उन्हें मुख्तारेआम नियुक्त किया गया है। उनका कहना है कि उक्त भूमि को लेकर उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है और अदालत ने विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का स्थगन आदेश जारी कर रखा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बावजूद कमलापुर निवासी ईश्वर दीन यादव ने खसरा संख्या 363अ, 363ब और 363स की भूमि पर कथित रूप से जबरन कब्जा कर लिया और वहां खेती-बोवाई शुरू कर दी।
आदेश की जानकारी देने के बावजूद नहीं रुका काम
कुंदन सिंह यादव का आरोप है कि उन्हें और क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से कई बार ईश्वर दीन यादव को हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी दी गई। इसके बावजूद कथित तौर पर विवादित भूमि पर कब्जे और खेती-बोवाई का काम जारी रखा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित व्यक्ति से न्यायालय के आदेश का पालन करने और जमीन पर किसी तरह का काम नहीं करने को कहा था, लेकिन आरोप है कि उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
मौके पर पहुंचने पर गाली-गलौज का आरोप
कुंदन सिंह यादव के मुताबिक, 5 अगस्त की शाम उन्हें विवादित जमीन पर काम किए जाने की सूचना मिली। इसके बाद वह अपने साथी विमल यादव के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का हवाला देते हुए जमीन पर चल रहे काम को रोकने के लिए कहा। आरोप है कि इस पर ईश्वर दीन यादव ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और मौके से चला गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद कुंदन सिंह यादव ने बिजनौर थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और विवादित भूमि, न्यायालय के स्थगन आदेश तथा लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही मामले में आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
सुरेन्द्र यादव (सरोजनीनगर) लखनऊ






