लखनऊ: राजधानी लखनऊ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक मामला सामने आया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के मिशन भरोसा पोर्टल पर किए गए वेरिफिकेशन में 537 ऐसे स्कूल वाहन चालकों की पहचान की गई है, जिनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गंभीर बात यह है कि पुलिस और परिवहन विभाग को पूरी डिटेल सौंपे जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद अब नई रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्र सरकार को भेजी गई है।
कई चालकों पर दर्ज हैं 7 से 8 मुकदमे
मिशन भरोसा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आलोक सिंह ने बताया कि पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान पता चला कि 537 चालकों की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है और उनमें से कई पर सात से आठ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान कई वाहन चालकों के पते फर्जी पाए गए हैं, जिनके आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है।
मानकों की अनदेखी, RTO में 1700 दर्ज, सड़कों पर दौड़ रहे 6,183 स्कूली वाहन
लखनऊ आरटीओ में कागजों पर 1700 से ज्यादा स्कूली वाहन दर्ज हैं, जबकि मिशन भरोसा पोर्टल पर अब तक 6,183 ऐसे वाहनों की पहचान की जा चुकी है जो स्कूली बच्चों को लाते-ले जाते हैं। इनमें से अधिकांश वाहन सुरक्षा मानकों जैसे पीला रंग, सीसीटीवी कैमरा, लाइव ट्रैकिंग डिवाइस और सेफ्टी रॉड की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं।
पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का ब्योरा:
पंजीकृत स्कूल: 889
दर्ज स्कूली वाहन: 6,183
चालकों का दर्ज डेटा: 3,301
वेरिफिकेशन पूरा हुआ: 2,443 चालक (1,906 का वेरिफिकेशन पॉजिटिव)
सहायक: महज 228 वाहनों में उपलब्ध
अभिभावकों के लिए मिशन भरोसा पोर्टल और जरूरी सावधानियां
अभिभावक स्वयं पोर्टल पर जाकर अपने बच्चे के स्कूल का नाम और वाहन का नंबर दर्ज कर वेरिफिकेशन करवा सकते हैं। पोर्टल टीम ड्राइवर और अटेंडेंट का फोटो, संपर्क नंबर, चरित्र प्रमाण पत्र, वर्तमान व स्थायी पता और रिश्तेदार की डिटेल अपडेट कर देती है।
निजी ऑटो या वैन से बच्चे भेजने वाले अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान:
बच्चों को प्राइवेट ऑटो या वैन में अकेले न भेजें।
ड्राइवर और सहयोगी स्टाफ का स्थायी पता और मोबाइल नंबर अपने पास जरूर रखें।
वाहन और चालक की पूरी जानकारी स्कूल प्रशासन के साथ साझा करें।
बच्चों से रोज बातचीत करें और उन्हें ‘गुड टच-बैड टच’ के प्रति जागरूक करें।





