सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के सहयोग से कुछ ही घंटों में परिजनों तक पहुंची चार वर्षीय बच्ची
महराजगंज। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए लगातार सक्रिय पुलिस टीमों की संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण शनिवार को देखने को मिला। थाना चौक क्षेत्र में भ्रमण कर रही मिशन शक्ति टीम ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए अपनी मां से बिछड़ी एक चार वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचा दिया।
सोशल मीडिया से मिली सूचना, तुरंत हरकत में आई पुलिस
मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत क्षेत्र में गश्त कर रही टीम को सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम भगवानपुर उर्फ भूलना में एक छोटी बच्ची अपने परिजनों से बिछड़कर इधर-उधर भटक रही है। सूचना मिलते ही टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
पुलिस कर्मियों ने बच्ची से उसका नाम और पता जानने का प्रयास किया, लेकिन कम उम्र होने के कारण वह अपने बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। ऐसे में टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके परिजनों तक पहुंचना था।
गांव-गांव पहुंचाई गई सूचना
बच्ची की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम ने सोशल मीडिया, स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों की मदद ली। आसपास के गांवों में भी सूचना प्रसारित की गई ताकि बच्ची के परिजनों का जल्द पता लगाया जा सके।
पुलिस की यह कोशिश रंग लाई और कुछ ही समय बाद एक महिला अपने परिजनों के साथ थाना चौक पहुंची। महिला ने बच्ची को अपनी पुत्री बताते हुए उसकी पहचान की। वहीं मासूम बच्ची ने भी महिला को देखते ही अपनी मां के रूप में पहचान लिया।
मां-बेटी का मिलन देख भावुक हुए लोग
आवश्यक सत्यापन और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने बच्ची को उसकी मां विनिता देवी के सुपुर्द कर दिया। लंबे समय से अपनी बेटी को खोज रही मां ने जब उसे सुरक्षित देखा तो राहत की सांस ली। थाना परिसर में मौजूद लोगों के लिए भी मां-बेटी का यह मिलन भावुक कर देने वाला क्षण था।
परिजनों ने पुलिस टीम की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
मिशन शक्ति का मानवीय चेहरा
यह घटना केवल एक बच्ची को उसके परिवार तक पहुंचाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि पुलिस की सक्रियता और समाज के सहयोग से कई संभावित दुर्घटनाओं और अनहोनी घटनाओं को टाला जा सकता है। मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस की यह पहल लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत करती है।
टीम में शामिल रहे
- उपनिरीक्षक रेखा वर्मा
- हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव
- महिला कांस्टेबल अंजली भारती
तीनों पुलिसकर्मियों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। उनकी त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार को बिछड़ने की पीड़ा से बचाते हुए खुशियां लौटाने का काम किया।







