औरैया। औरैया साइबर थाना पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से नकदी, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में आरोपी के बैंक खाते में ठगी के माध्यम से जमा करीब 10 लाख रुपये का लेनदेन भी सामने आया है, जिसे फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि गुरुवार को साइबर थाना पुलिस टीम गृह मंत्रालय (MHA) के 14C पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए दिबियापुर क्षेत्र में अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को ठगने वाला एक व्यक्ति दिबियापुर थाना क्षेत्र में मौजूद है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने दिबियापुर के कंप्रेशर बंबा से फफूंद जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर सहार थाना क्षेत्र के इमलिया पूर्वा निवासी दीपक कुमार पाल उर्फ बंटू को गिरफ्तार कर लिया।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से:
- 1,840 रुपये नकद
- 2 एटीएम कार्ड
- 5 मोबाइल फोन (जिनमें 2 आईफोन शामिल)
- 19 सिम कार्ड
- 3 आधार कार्ड
बरामद किए हैं।
ऐसे करता था साइबर फ्रॉड
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘जीरो सिविल स्कोर’ और ‘बिना दस्तावेज तत्काल लोन’ के आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
इसके बाद पीड़ितों को एक लिंक भेजकर फर्जी लोन ऐप (APK फाइल) डाउनलोड कराई जाती थी। ऐप इंस्टॉल होते ही मोबाइल के कॉन्टैक्ट, फोटो गैलरी, लोकेशन और एसएमएस जैसी निजी जानकारियां सर्वर पर पहुंच जाती थीं।
आरोपी पहले पीड़ित के खाते में 2,000 से 5,000 रुपये तक की छोटी राशि भेजता था, लेकिन प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर बड़ी रकम काट लेता था। इसके बाद सात दिन के भीतर कई गुना ब्याज के साथ वसूली की जाती थी।
यदि पीड़ित भुगतान में देरी करता या भुगतान करने के बाद भी विरोध करता, तो उसके परिचितों को फोन कर बदनाम करने, फोटो को एआई तकनीक से अश्लील रूप में मॉर्फ कर वायरल करने और मानसिक दबाव बनाकर बार-बार पैसे वसूलने की धमकी दी जाती थी।
एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।








