पीडीडीयू नगर (चंदौली)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए 18 जुलाई को 24 घंटे के भीतर 439 मालगाड़ियों का इंटरचेंज कर चालू वित्तीय वर्ष का अपना सर्वोच्च प्रदर्शन दर्ज किया है। रेलवे के अनुसार यह उपलब्धि मंडल की परिचालन क्षमता, नेटवर्क समन्वय और माल परिवहन दक्षता को दर्शाती है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इंटरचेंज का अर्थ एक रेल मंडल से दूसरे रेल मंडल अथवा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के बीच मालगाड़ियों का सुरक्षित और समयबद्ध हस्तांतरण है। इसे रेल परिचालन की दक्षता का महत्वपूर्ण मानक माना जाता है।
217 ट्रेनें प्राप्त, 222 का हस्तांतरण
इस रिकॉर्ड प्रदर्शन के दौरान पीडीडीयू मंडल ने 217 मालगाड़ियां अन्य रेल मंडलों से प्राप्त (Taken Over) कीं, जबकि 222 मालगाड़ियों का निकटवर्ती रेल मंडलों एवं डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को हस्तांतरण (Made Over) किया।
इन 222 हस्तांतरित मालगाड़ियों में से प्रयागराज दिशा की ओर उत्तर मध्य रेलवे एवं डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को संयुक्त रूप से 85 मालगाड़ियां सौंपी गईं, जो चालू वित्तीय वर्ष का सर्वोच्च स्तर है।
दो दिन में दो रिकॉर्ड
इससे पहले 16 जुलाई को पीडीडीयू मंडल ने 422 मालगाड़ियों (217 टेकन ओवर एवं 205 मेड ओवर) के इंटरचेंज का रिकॉर्ड बनाया था। उस दिन प्रयागराज दिशा में 82 मालगाड़ियों का मेड ओवर किया गया था। मात्र दो दिनों के भीतर मंडल ने अपने ही दोनों प्रमुख परिचालन रिकॉर्ड को बेहतर कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
694 ट्रेनों का सुरक्षित संचालन
18 जुलाई को पीडीडीयू मंडल ने कुल 694 ट्रेनों का सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन किया। इनमें—
- 439 मालगाड़ियां (25 लॉन्ग हॉल ट्रेनों सहित)
- 255 कोचिंग ट्रेनें
- 158 मेल/एक्सप्रेस
- 97 यात्री, मेमू एवं विशेष ट्रेनें
इतने बड़े परिचालन के बावजूद मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालन दर 94.19 प्रतिशत रही।
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने इस उपलब्धि का श्रेय परिचालन विभाग की कुशल योजना, सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी संचालन के साथ-साथ वाणिज्य, यांत्रिक, विद्युत, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा सुरक्षा विभागों के बेहतर समन्वय और टीमवर्क को दिया।







