लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर नियुक्तियों और संवैधानिक पदों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की राज्यपाल के कार्यकाल और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। मौर्य ने इन फैसलों में नियमों और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
राज्यपाल के कार्यकाल को लेकर मौर्य ने सवाल उठाया कि सामान्य तौर पर पांच साल के कार्यकाल के बाद किसी राज्यपाल के पद पर बने रहने की संवैधानिक प्रक्रिया क्या है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकाल बढ़ाने या पुनर्नियुक्ति से संबंधित कोई स्पष्ट प्रक्रिया है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। मौर्य ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।
इसके साथ ही उन्होंने KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के कार्यकाल बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाए। हाल ही में राज्यपाल एवं KGMU की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की ओर से उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश जारी किया गया है। मौर्य ने इस फैसले को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया, आरक्षण व्यवस्था और नियमों के पालन पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने नियुक्तियों के मुद्दे को सामाजिक न्याय से भी जोड़ते हुए SC, ST और OBC वर्गों के प्रतिनिधित्व का सवाल उठाया है। उनका कहना है कि सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और संविधान के प्रावधानों का पालन होना चाहिए। मौर्य के सवालों पर अब सरकार और संबंधित संस्थानों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।






