Sawan First Somwar 2026: सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस वर्ष सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ रहा है। मान्यता है कि इस दिन पूरे श्रद्धा भाव से व्रत और पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। खासतौर पर अविवाहित कन्याएं यदि सावन के सभी सोमवार का व्रत करती हैं तो उन्हें योग्य जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है, जबकि विवाहित लोगों के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। पहले सावन सोमवार के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने के साथ बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन और फल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं पूजा का शुभ समय, सही विधि और भगवान शिव के प्रिय मंत्र।
सावन के पहले सोमवार के शुभ मुहूर्त
भगवान शिव की पूजा के लिए दिनभर में कई शुभ समय बन रहे हैं। इनमें पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 6:26 बजे से 7:56 बजे तक
निशिता काल: रात 11:33 बजे से 12:21 बजे तक
सावन सोमवार की पूजा कैसे करें?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ व शुभ रंगों के वस्त्र धारण करें। लाल, पीला, हरा या नारंगी रंग शुभ माना जाता है।
पूजा स्थल को साफ करके गंगाजल का छिड़काव करें।
हाथ में जल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
सबसे पहले शिवलिंग का शुद्ध जल और गंगाजल से अभिषेक करें।
इसके बाद पंचामृत से अभिषेक करें और फिर दोबारा साफ जल चढ़ाएं।
अभिषेक के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
भगवान शिव को बेलपत्र, चंदन, अक्षत, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते और मौसमी फल अर्पित करें।
माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
घी का दीपक जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करके भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
शिव मंत्र
ॐ नमः शिवाय
ॐ साम्ब सदाशिवाय नमः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात॥







