यूपी एटीएस की जांच में बड़ा खुलासा: , सीमा पर स्लीपर सेल बनाने की थी तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की जांच में बलरामपुर निवासी शहरोज को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के इशारे पर वह मुंबई में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। इसके लिए उसने मुंबई में अपने संपर्कों का एक नेटवर्क तैयार कर लिया था, जिसका कथित उद्देश्य हिंदूवादी नेताओं और संगठनों को निशाना बनाना तथा सांप्रदायिक तनाव फैलाना था।
एटीएस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई एजेंट जसवीर चौधरी ने शहरोज को राजस्थान के श्रीगंगानगर जाने के निर्देश दिए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पहुंचाए जाने थे, जिन्हें लेकर शहरोज मुंबई लौटने वाला था। इसके बाद उसे संभावित लक्ष्य की जानकारी दी जानी थी। मामले की गहन जांच के लिए एटीएस जल्द ही उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि शहरोज फिलहाल कथित नेटवर्क के “ट्रायल चरण” में था, जिसमें उसकी गोपनीयता बनाए रखने और निर्देशों का पालन करने की क्षमता का आकलन किया जा रहा था। शुरुआती जांच के आधार पर एजेंसियों का कहना है कि यदि वह इस चरण में सफल रहता, तो उसे भारत-नेपाल सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में कथित तौर पर स्लीपर सेल खड़ा करने और स्थानीय युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती थी। हालांकि, इससे पहले ही एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एटीएस अब यह भी जांच कर रही है कि शहरोज ने किन-किन लोगों से संपर्क किया, किसे अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की और क्या किसी स्थानीय व्यक्ति को नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया गया था। उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल डिटेल, बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल भुगतान और विदेशी नंबरों से संपर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या शहरोज को किसी विदेशी स्रोत से आर्थिक मदद मिली थी। साथ ही पिछले कुछ वर्षों के दौरान उसके मुंबई, बलरामपुर और अन्य स्थानों के आवागमन का भी ब्योरा खंगाला जा रहा है।







