सपा-कांग्रेस का प्रदेशभर में प्रदर्शन
लखनऊ। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई। दोनों नेताओं की हिरासत के विरोध में सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदेश के कई जिलों में सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किए।
राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। सपा ने सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया।
उधर, राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की हिरासत की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जनभवन का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें और अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। देर रात सभी को रिहा कर दिया गया।
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस नीट पेपर लीक, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने भी लखनऊ में परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजकर दिल्ली में हुई कार्रवाई पर हस्तक्षेप की मांग की।
कांग्रेस ने 22 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में खाद की कमी और बिजली कटौती के मुद्दे पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की घोषणा भी की है।






