श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों और पीएमश्री विद्यालयों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों और टास्क फोर्स के अधिकारियों से विद्यालयों की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेते हुए हर माह निर्धारित लक्ष्य के अनुसार स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन कायाकल्प के तहत निर्धारित 19 पैरामीटर्स के अनुसार सभी विद्यालयों को संतृप्त किया जाए। स्कूलों में बाउंड्रीवाल, पेयजल, शौचालय, दिव्यांग शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित करने के साथ स्मार्ट क्लास के संचालन और इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली की लाइन गुजर रही है। वहीं, जिन विद्यालयों में अभी विद्युतीकरण नहीं हुआ है, वहां जल्द विद्युत व्यवस्था कराने और बजट की कमी होने पर प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
बैठक में विद्यालयों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठा। जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों को विद्यालयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि गैस के अभाव में विद्यालय में खाना बनते पाए जाने पर संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से प्रमाण पत्र देने को कहा कि उनके अधीन विद्यालयों में दो लाइट और दो पंखे लगाए जा चुके हैं। विफ्स कार्यक्रम के तहत आयरन-फोलिक टैबलेट का वितरण सुनिश्चित करने और उसका रिकॉर्ड पंजिका में दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी छात्र-छात्राएं नियमित रूप से यूनिफॉर्म में विद्यालय आएं और उपस्थिति पंजिका प्रतिदिन सुबह नौ बजे तक अपडेट हो जाए। निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लगातार अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और शिक्षामित्रों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक का संचालन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत ने किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, उपजिलाधिकारी रवि प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी रामसमुझ, जिला पंचायत राज अधिकारी निलेश प्रताप सिंह, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक और अन्य संबंधित अधिकारी व संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





















