झाड़-फूंक के भरोसे ले गए रतनगढ़ देवी, नहीं बच सकी जान
अछल्दा के लिधौरा गांव की घटना, मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित; पिता अहमदाबाद में करते हैं मजदूरी
औरैया। अछल्दा थाना क्षेत्र के लिधौरा गांव में खेलते समय 13 वर्षीय किशोर को सांप ने डस लिया। पहले परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा और फिर मेडिकल कॉलेज चिचैली लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद परिजन अंधविश्वास के चलते पहले झाड़-फूंक कराने के लिए इटावा जिले के जसवंतनगर और बाद में मध्य प्रदेश के दतिया स्थित प्रसिद्ध रतनगढ़ देवी मंदिर ले गए, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। अंततः उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। किशोर की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
लिधौरा निवासी नीलेश शाक्य का 13 वर्षीय पुत्र अंश शाक्य शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर के बाहर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान उसके पैर में सांप ने डस लिया। शुरुआत में उसने इस बात पर ध्यान नहीं दिया और बाद में मां स्वाती व दादी के साथ धान की रोपाई करने खेत चला गया। करीब दो-तीन घंटे बाद खेत से लौटने पर उसे चक्कर आने लगे। तब उसने परिजनों को बताया कि उसके पैर में किसी जहरीले जीव ने काट लिया है।
परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज चिचैली रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सपेरे ने पकड़ा सांप
अंश की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने एक सपेरे को बुलाया। उसने घटनास्थल पर करीब 20 मिनट तक तलाश करने के बाद सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर लिया। इससे स्पष्ट हुआ कि किशोर को सांप ने ही डसा था।
अंधविश्वास के चलते झाड़-फूंक का सहारा
डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजन इसे स्वीकार नहीं कर सके। वे किशोर को पहले झाड़-फूंक के लिए इटावा के जसवंतनगर और फिर मध्य प्रदेश के दतिया जिले के रतनगढ़ देवी मंदिर ले गए। वहां करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक कराई गई, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ और अंततः परिजनों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक अंश दो भाइयों में बड़ा था। उसके पिता नीलेश शाक्य अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं। बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है।







