छूटे बच्चों तक टीकाकरण पहुंचाने की बनी रणनीति
PCI India के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में स्वास्थ्य कर्मियों को जीरो डोज बच्चों की पहचान, माइक्रोप्लानिंग और डेटा प्रबंधन की दी गई जानकारी
अलीगंज (एटा)। GAVI परियोजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अलीगंज में मंगलवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार की अध्यक्षता में PCI India के सहयोग से जीरो डोज इम्प्लीमेंटेशन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ना था, जिन्हें अब तक टीकाकरण की पहली खुराक (जीरो डोज) भी नहीं मिल सकी है।
प्रशिक्षण में सीएचसी अलीगंज के सभी मेडिकल ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), एएनएम तथा स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान नियमित टीकाकरण की गुणवत्ता में सुधार, जीरो डोज बच्चों की समय पर पहचान, उन्हें पूर्ण टीकाकरण से जोड़ने और ब्लॉक स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को माइक्रोप्लानिंग, घर-घर सर्वेक्षण, समुदाय में जनजागरूकता, आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, डेटा प्रबंधन, समयबद्ध फॉलो-अप और नियमित समीक्षा की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवार सर्वेक्षण, सटीक डेटा और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही जीरो डोज बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं।
प्रशिक्षण में PCI GAVI के जिला समन्वयक आलोक वर्मा, JSI के विजय गर्ग, बीपीएम सुश्री दिव्यांशी, PCI GAVI के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पुष्पेंद्र सिंह एवं सहराज अली तथा WHO के फील्ड मॉनिटर अतुल चतुर्वेदी ने जीरो डोज बच्चों की पहचान, डेटा गुणवत्ता, नियमित टीकाकरण अभियान और फॉलो-अप से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रभावी कम्युनिकेशन प्लान से बढ़ेगा टीकाकरण कवरेज: आलोक वर्मा
PCI GAVI के जिला समन्वयक आलोक वर्मा ने कहा कि जीरो डोज इम्प्लीमेंटेशन का उद्देश्य ऐसे बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिन्हें अब तक नियमित टीकाकरण की पहली खुराक भी नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों को जीरो डोज बच्चों की पहचान, माइक्रोप्लानिंग, डेटा प्रबंधन और समयबद्ध फॉलो-अप की जानकारी दी गई। साथ ही प्रभावी कम्युनिकेशन प्लान तैयार करने और उसे फील्ड स्तर पर लागू कर समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के तरीकों पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय के बेहतर समन्वय से प्रत्येक पात्र बच्चे को नियमित टीकाकरण से जोड़ने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी जानकारी को फील्ड स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा नियमित टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का संकल्प लिया।







