बीसीआई द्वारा शुल्क ₹22,500 किए जाने का विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; कहा- गरीब विधि स्नातकों पर पड़ेगा असर
उन्नाव। तहसील बीघापुर में सोमवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा अधिवक्ता पंजीकरण शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने बैठक के बाद उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपते हुए शुल्क वृद्धि को वापस लेने की मांग की।
सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बीसीआई द्वारा अधिवक्ता पंजीकरण शुल्क बढ़ाकर ₹22,500 किए जाने पर चर्चा हुई। सभी अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से शुल्क वृद्धि का विरोध करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला ने कहा कि पंजीकरण शुल्क में इतनी अधिक वृद्धि से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर विधि स्नातकों के लिए अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराना कठिन हो जाएगा। इससे अनेक योग्य छात्र आर्थिक कारणों से वकालत के पेशे में प्रवेश नहीं कर सकेंगे, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया इस निर्णय को तत्काल वापस ले।
प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम आनंद कुमार नायक को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। इस दौरान राज कुमार यादव, रमेशचंद वर्मा, राम खेलावन, मनीष कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।







