नए सत्र 2027-28 से लागू होंगी NCERT की किताबें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की पुस्तकों से पढ़ाई कराई जाएगी। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को प्रारंभिक स्तर से ही रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत कक्षा 5 से 8 तक ‘कौशल बोध’ नाम से एक नया अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। शुरुआती चरण में विद्यार्थियों को विभिन्न कौशलों की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। इसके बाद उच्च कक्षाओं में उन्हें व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे भविष्य में रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जुड़ सकें।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, व्यावहारिक ज्ञान और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है। इससे बच्चों को कम उम्र से ही विभिन्न व्यवसायों और कौशल आधारित क्षेत्रों की समझ मिलेगी।
NCERT पुस्तकों से मिलेगा उन्नत अध्ययन सामग्री
विशेषज्ञों का मानना है कि NCERT का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों द्वारा तैयार किया जाता है, इसलिए इसकी अध्ययन सामग्री अधिक अद्यतन और गुणवत्तापूर्ण मानी जाती है। देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर सिविल सेवा (UPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी NCERT की पुस्तकों का व्यापक उपयोग होता है।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत देशभर में शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों में भी NCERT आधारित पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में भी इसी दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
मुख्य बिंदु
- सत्र 2027-28 से कक्षा 5 से 8 तक NCERT की किताबों से पढ़ाई।
- ‘कौशल बोध’ अध्याय होगा पाठ्यक्रम का हिस्सा।
- शुरुआती स्तर पर कौशलों की बुनियादी जानकारी, बाद में व्यावहारिक प्रशिक्षण।
- रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता पर रहेगा विशेष फोकस।
- नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में बदलाव।







