पूर्वी जिलों में 32% कम वर्षा, अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होगा मानसून; IMD का पूर्वानुमान
लखनऊ। प्रदेश में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त के पहले सप्ताह से मानसून के दोबारा सक्रिय होने और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 29 जुलाई के बीच प्रदेश में 258.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 342.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। सबसे अधिक कमी पूर्वी उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई, जहां सामान्य 370.4 मिमी के मुकाबले केवल 252.8 मिमी वर्षा हुई, जो लगभग 32 प्रतिशत कम है।
इन जिलों में 50% से अधिक बारिश की कमी
भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, रायबरेली, संत कबीर नगर और सीतापुर सहित कई जिलों में बारिश सामान्य से 50 प्रतिशत से अधिक कम दर्ज की गई है। इससे धान, मक्का, दाल और तिलहन जैसी खरीफ फसलों की बुवाई और विकास पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। यहां सामान्य 304.2 मिमी के मुकाबले 267 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो करीब 12 प्रतिशत कम है। मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में अच्छी वर्षा हुई, जबकि गौतमबुद्ध नगर, पीलीभीत, शामली और अमरोहा में अब भी वर्षा का बड़ा अभाव बना हुआ है।
अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होगा मानसून
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से 4 अगस्त के बाद प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होंगी। 4 से 9 अगस्त के बीच उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
31 जुलाई से 3 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई से 3 अगस्त तक लखनऊ समेत प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन भारी वर्षा की संभावना नहीं है। साथ ही 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवाई हवा चलने की भी संभावना है।







