वाराणसी। काशी में शारदीय नवरात्र के अवसर पर शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में 11 से 20 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में संपन्न होगा। उत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। साथ ही गौमाता की प्रतिष्ठा, उन्हें राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग और उनकी रक्षा के संकल्प के साथ वैदिक आचार्यों द्वारा नवचंडी पाठ भी किया जाएगा।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि उत्सव के दौरान प्रतिदिन श्रीविद्या साधना शिविर का आयोजन होगा और शाम को शंकराचार्य का प्रवचन होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 7:30 से 8 बजे तक श्रीविद्या अध्ययन और सुबह 8 से 9:30 बजे तक शंकराचार्य के सान्निध्य में प्रस्थानत्रयी का पाठ होगा। इसी दौरान गौमाता की प्रतिष्ठा और उनकी रक्षा के उद्देश्य से नवचंडी पाठ भी किया जाएगा। इसके बाद सुबह 9:45 बजे श्रीविष्णु पूजन संपन्न होगा।
कार्यक्रम के अगले चरण में दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक भगवती त्रिपुर सुंदरी का विशेष पूजन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन नवद्रव्यों से देवी का अर्चन होगा। शाम 5 बजे से भगवती की लीलाओं पर आधारित शंकराचार्य का प्रवचन होगा, जबकि शाम 7 बजे देवी की महाआरती की जाएगी। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को पूजन, साधना और प्रवचन के माध्यम से धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
मीडिया प्रभारी संजय पांडेय के अनुसार, श्रीविद्या साधना शिविर और नवरात्र उत्सव में देशभर से शंकराचार्य के दीक्षित शिष्य और संत शामिल होंगे। श्रीविद्यामठ में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में देवी उपासना, वैदिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक प्रवचनों को विशेष स्थान दिया गया है। नवरात्र के इन दिनों में प्रतिदिन निर्धारित समय पर पूजन-अर्चन और धार्मिक गतिविधियां संपन्न होंगी।





















