क्षेत्र में बढ़ा तनाव
तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने खुजेस्तान प्रांत स्थित निर्माणाधीन दरखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हवाई हमला किया। वहीं अमेरिका और ईरान समर्थित गुटों के बीच जारी सैन्य कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और गहरा गई हैं।
ईरान का दावा- परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हमला
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अनुसार, स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 3:39 बजे दरखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर के निकट कई मिसाइलें गिरीं। संगठन ने इस हमले की निंदा करते हुए इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। यह संयंत्र वर्ष 2022 से निर्माणाधीन है।
हालांकि, इस दावे की अमेरिका की ओर से स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक स्वीकारोक्ति इस समाचार के प्रकाशित होने तक नहीं हुई है।
कुवैत और जॉर्डन पर भी हमलों का दावा
कुवैत ने कहा कि उस पर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद देश की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई। कुवैत ने बताया कि क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
वहीं, इस्राइल ने दावा किया कि ईरान ने जॉर्डन की दिशा में भी मिसाइलें दागीं। इस बीच जॉर्डन ने हमलों और ईरान के कथित भड़काऊ बयानों के विरोध में अपने यहां तैनात ईरानी राजनयिक को तलब किया।
लेबनान ने की हमलों की निंदा
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कुवैत और जॉर्डन पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे हमले संबंधित देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन हैं। उन्होंने दोनों देशों के साथ एकजुटता भी व्यक्त की।
ईरानी नेताओं की अमेरिका को चेतावनी
ईरान के वरिष्ठ नेता इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सैनिक हालात को समझें तो उन्हें तत्काल क्षेत्र छोड़ देना चाहिए।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यदि हमले जारी रहे तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा।
संघर्ष विराम टूटने के बाद बढ़ा तनाव
हालिया संघर्ष विराम समझौता टूटने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। दोनों पक्षों के बीच लगातार हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है।






