World Lung Cancer Day 2026: हर साल 1 अगस्त को विश्व फेफड़ा कैंसर दिवस (World Lung Cancer Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और समय रहते जांच व इलाज के महत्व को समझाना है। लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि फेफड़ों का कैंसर केवल धूम्रपान करने वालों को होता है, लेकिन अब विशेषज्ञों का कहना है कि कई ऐसे लोग भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, जिन्होंने कभी तंबाकू या सिगरेट का सेवन नहीं किया। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि हमारी कुछ सामान्य आदतें और आसपास का वातावरण भी फेफड़ों की सेहत पर गहरा असर डाल सकते हैं। जानें फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण, धूम्रपान के अलावा इसके अन्य कारण और फेफड़ों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय।
फेफड़ों का कैंसर कैसे विकसित होता है?
जब फेफड़ों की कोशिकाएं असामान्य तरीके से तेजी से बढ़ने लगती हैं और शरीर उनका नियंत्रण नहीं कर पाता, तब कैंसर विकसित होने लगता है। समय के साथ ये कोशिकाएं ट्यूमर का रूप ले सकती हैं और इलाज में देरी होने पर शरीर के अन्य अंगों तक भी फैल सकती हैं।
इन लक्षणों को हल्के में न लें
फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती संकेत अक्सर सामान्य बीमारी जैसे लग सकते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यदि कई सप्ताह तक लगातार खांसी बनी रहे, खांसी में खून आए, सांस लेने में दिक्कत हो, सीने में दर्द महसूस हो, आवाज बैठ जाए, बिना वजह वजन कम होने लगे या लगातार थकान बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। शुरुआती अवस्था में बीमारी का पता चलने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सिर्फ सिगरेट नहीं, ये कारण भी बन सकते हैं जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले कारण केवल धूम्रपान तक सीमित नहीं हैं। अगरबत्ती का लगातार धुआं, मच्छर भगाने वाली कॉयल, कोयले या लकड़ी के धुएं में लंबे समय तक रहना, वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषण तथा खराब वायु गुणवत्ता भी फेफड़ों को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि आज कई गैर-धूम्रपान करने वाले लोगों में भी फेफड़ों के कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं।
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
धूम्रपान और सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाए रखें।
घर और कार्यस्थल पर अच्छी हवा और वेंटिलेशन की व्यवस्था रखें।
अगरबत्ती, कॉयल और अधिक धुआं छोड़ने वाली चीजों का सीमित उपयोग करें।
प्रदूषण वाले क्षेत्रों में बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनें।
नियमित व्यायाम करें और गहरी सांस लेने वाले योगाभ्यास को दिनचर्या में शामिल करें।
ताजे फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन युक्त संतुलित भोजन का सेवन करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
यदि लंबे समय तक खांसी, सांस फूलना या अन्य संदिग्ध लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
जिन लोगों के परिवार में फेफड़ों के कैंसर का इतिहास है, उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
Disclaimer: इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें। amritujala किसी तरह का दावा नहीं करता है।







