गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी की एक मस्जिद को लेकर की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का मुसलमान पाकिस्तान के मुसलमानों की तुलना में कहीं बेहतर स्थिति में है और यहां संविधान, लोकतंत्र तथा स्वतंत्र न्यायपालिका नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है।
अफजाल अंसारी ने कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों को सुलझाने में सक्षम है और पाकिस्तान को पहले अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के मुद्दों पर बयान देकर पाकिस्तान को “घड़ियाली आंसू” बहाने की आवश्यकता नहीं है।
मस्जिद मामले पर पुनर्विचार की मांग
वाराणसी में रेलवे की भूमि पर बनी मस्जिद को हटाने के मुद्दे पर सांसद ने कहा कि यदि संबंधित मस्जिद रेलवे लाइन बनने से पहले की है, तो सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनके अनुसार ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी बोले
राम मंदिर में चढ़ावे और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अफजाल अंसारी ने कहा कि जांच के दौरान कई सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले उठाए गए कई मुद्दों की अब जांच में पड़ताल हो रही है।
सांसद ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
अफजाल अंसारी ने मौजूदा जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच ऐसी व्यवस्था के तहत हो जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी विवाद का निष्पक्ष व पारदर्शी समाधान होना चाहिए।








