नौवें दिन भी जारी रहा बार का आंदोलन, केंद्रीय राज्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट: प्रवेंद्र शर्मा
जलेसर (एटा)। प्रदेश में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू किए जाने संबंधी सरकार के आदेश के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन द्वारा गत सोमवार से रजिस्ट्री कार्यालय में की गई तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। पिछले नौ दिनों से चल रहे आंदोलन और रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी के कारण अब तक लगभग सवा करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
मंगलवार को धरना स्थल पर पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद प्रो. एस.पी. सिंह बघेल को बार एसोसिएशन की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस पर सांसद प्रो. बघेल ने अधिवक्ताओं की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। वहीं, महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार संदीप सिंह को सौंपा गया।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव एवं सचिव द्विजेंद्र सिंह यादव ने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद प्रो. एस.पी. सिंह बघेल तथा पूर्व विधायक कुबेर सिंह अगरिया को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी करते हुए तहसील स्तर से पंजीकरण कार्य समाप्त कर ई-पंजीकरण प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर ‘निबंधन मित्र’ नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे तहसील स्तर के अधिवक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में पूर्व में दिए गए ज्ञापन के क्रम में 15 जून 2026 से तहसील बार एसोसिएशन, जलेसर द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। धरने का मंगलवार को नौवां दिन था, लेकिन अभी तक न तो संबंधित अधिकारियों और न ही प्रदेश सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।
बार पदाधिकारियों ने बताया कि सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय, एटा द्वारा 19 जून 2026 को जारी सूचना में भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रदेश सरकार ई-पंजीकरण प्रणाली लागू नहीं करेगी। इसलिए पुनः ज्ञापन देकर मांग की गई है कि यदि ई-पंजीकरण प्रणाली को वापस लेने के संबंध में शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो यह धरना उसके समाप्त होने तक अनवरत जारी रहेगा।
सरकार को सवा करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान
कार्यवाहक उप निबंधक पुष्कर सक्सैना ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा पिछले नौ दिनों से रजिस्ट्री कार्यालय में ताला लगाए जाने के कारण एक भी बैनामा नहीं हो सका है। इससे अन्य प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में रजिस्ट्री कार्यालय से प्रतिदिन लगभग 15 लाख रुपये का राजस्व स्टाम्प बिक्री एवं पंजीकरण शुल्क के रूप में प्राप्त होता है। इस प्रकार नौ दिनों में विभाग को सवा करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व नुकसान का अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि बार एसोसिएशन द्वारा एक सप्ताह पूर्व सोमवार से रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर दी गई थी। इसके चलते कार्यालय का स्टाफ प्रतिदिन आता तो है, लेकिन पूरे दिन बाहर बैठने के बाद शाम को वापस लौट जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने दिया समाधान का आश्वासन
धरना स्थल पर पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पीड़ा और चिंताएं उचित हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह अधिवक्ताओं की समस्याओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अवश्य पहुंचाएंगे तथा सरकार और बार के बीच संवाद स्थापित कर समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश पाल सिंह ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता द्विजेंद्र यादव ने किया।
धरने में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव, सचिव द्विजेंद्र सिंह यादव, दयाराम यादव, सुनील यादव, विष्णु गोपाल दीक्षित, विनोद उपाध्याय, रामदेव यादव, रामप्रकाश सिंह, विजय कुमार सिंह, पुरुषोत्तम यादव, प्रमोद पचौरी, प्रमोद राठी, रमेश पाल सिंह, जयशंकर गौड़, सुरेंद्र देव पाठक, सुनील दीक्षित, राजेश कुलश्रेष्ठ, रामनिवास यादव, सोबरन सिंह राजपूत, सुदीप पाठक, कमलेश सारस्वत, जे.पी. सिंह, गौरव जादौन, राजीव सिंघल, राहुल यादव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।








