मंगेतर सिया की खौफनाक साजिश की पूरी कहानी
पुणे। पुणे के व्यवसायी एवं रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में मामला हत्या का निकला। पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल की मौत लोहगढ़ किले की खाई में गिरने से हुई थी। प्रारंभिक जांच में इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।
बाली ट्रिप और गायब पासपोर्ट का रहस्य
बताया जाता है कि केतन और सिया की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी और नवंबर में राजस्थान के एक महल में उनकी शादी प्रस्तावित थी। दोनों 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए इंडोनेशिया के बाली जाने वाले थे।
घर से निकलते समय कार में केतन, उसकी बहन, सिया और सिया का भाई साहिल मौजूद थे। रास्ते में सभी ने अपने पासपोर्ट, विदेशी मुद्रा, क्रेडिट कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की, जो एक ही पाउच में रखे गए थे। रास्ते में वे एक फूड मॉल पर रुके, जहां सिया ने अपना मोबाइल फोन भूल जाने की बात कही और अकेले वाहन के पास वापस गई।
जब सभी मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे तो बाकी लोगों के पासपोर्ट सुरक्षित मिले, लेकिन केवल केतन का पासपोर्ट गायब था। पासपोर्ट न होने के कारण केतन बाली नहीं जा सका और उसे वापस लौटना पड़ा। केतन के पिता का आरोप है कि यह पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी, ताकि यात्रा रद्द हो जाए।
बेटे की मौत से टूट गया परिवार
केतन की मौत के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने सिया गोयल और चेतन चौधरी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। उनका कहना है कि सिया ने पूरे परिवार का विश्वास जीत लिया था और किसी को भी उस पर जरा भी संदेह नहीं हुआ।
केतन की मां ने कहा कि सिया और उसका प्रेमी उनके बेटे की मौत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिया ने परिवार के साथ विश्वासघात किया और लगातार झूठ बोलती रही। सगाई के बाद परिवार के सभी सदस्य उससे घुल-मिल गए थे, इसलिए किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
मां ने की मौत की सजा की मांग
पीड़ित मां ने पुलिस और न्याय व्यवस्था से इंसाफ की गुहार लगाते हुए कहा कि जिस निर्ममता से उनके बेटे की हत्या की गई, उसके दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के बहाने रची गई कथित साजिश
परिजनों के अनुसार, बाली यात्रा रद्द होने के बाद सिया ने नया प्लान बनाया। 19 जून को उसका जन्मदिन था। केतन के पिता का आरोप है कि सिया ने जिद कर केतन को 18 जून को प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए पुणे के निकट स्थित लोहगढ़ किले चलने के लिए राजी किया।
बताया जाता है कि 18 जून की सुबह करीब 8:20 बजे केतन घर से निकला। लगभग ढाई घंटे बाद सुबह 10:45 बजे सिया की मां ने फोन कर परिवार को सूचना दी कि केतन लोहगढ़ किले की घाटी में गिर गया है।
सिया ने पुलिस को बताया कि तेज हवाओं के कारण केतन का पैर फिसल गया और वह लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने भी इसे दुर्घटना मानकर कार्रवाई की थी।
पिता को ऐसे हुआ शक
केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि जब पुलिस शव लेकर अस्पताल पहुंची, तब सिया का व्यवहार उन्हें असामान्य लगा। उनके अनुसार, किसी महिला के मंगेतर या होने वाले पति की मृत्यु के बाद सामान्यतः गहरा दुख दिखाई देता है, लेकिन सिया के चेहरे और व्यवहार में ऐसा कुछ नहीं दिखा।
उन्होंने कहा कि उस समय परिवार अस्पताल और अन्य औपचारिकताओं में व्यस्त था, इसलिए इस बात पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन बाद में यही व्यवहार संदेह का एक कारण बना।








