अचलगंज। नगर पंचायत द्वारा मुख्य मार्ग के किनारे कूड़ा डंप करने के विरोध में शनिवार शाम को ग्रामीणों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया। इस दौरान पालिका कर्मियों से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई। कूड़े के ढेर से दस हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
तीन वर्षों से अचलगंज नगर पंचायत से निकलने वाले कूड़े को कर्मचारी हड़हा से दो सौ मीटर आगे बलाई मार्ग के किनारे डंप कर रहे हैं। इससे सड़क के किनारे कूड़े का पहाड़ बन गया है। इसी मार्ग से पंचमपुर, छड़उवाखेड़ा, टिकरी, पदमरा, बैरागर, मुख्तियारखेड़ा, घासिलपुर व खन्नापुर आदि गांवों की दस हजार आबादी का आवागमन होता है।
धरने में सचिन यादव, आयुष अवस्थी, धर्मेंद्र सिंह, श्रीकृष्ण शुक्ल, राजकुमार, रोहित और दिलीप सहित कई ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों का कहना था कि कूड़े के ढेर से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। दस हजार की आबादी को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। इन ग्रामीणों की कार्यालय कर्मियों से मुहांचाही भी हुई। बाद में कुछ लोगों के बीच-बचाव से मामला शांत हुआ। देरशाम तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिसके बाद सभी ग्रामीण वापस लौट गए।
बलाई निवासी प्रशांत शुक्ला ने बताया कि 55 लाख रुपये की लागत से एक कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया गया था। यह केंद्र पिछले काफी समय से निष्क्रिय पड़ा है। इसके कारण नगर पंचायत को कूड़ा सड़क किनारे डंप करना पड़ रहा है। प्रभारी निकाय अमिताभ यादव ने इस मामले पर अपनी अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि वे इसकी जांच करवाएंगे और कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन शीघ्र शुरू कराएंगे।








