संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने सुनाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि मामला बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के बनरही गांव निवासी केशराम की पुत्री मान्डवी देवी की दहेज हत्या से जुड़ा है। मान्डवी की शादी संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के मीरापुर निवासी रिंकू चौहान, पुत्र बुद्धिराम चौहान, से हुई थी।
अभियोजन के अनुसार, विवाह के बाद से ही रिंकू चौहान, बाबा पाखण्डी और चाची सास इन्द्रावती देवी अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मान्डवी को प्रताड़ित करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। आरोप है कि 27 सितंबर 2017 की रात करीब नौ बजे मान्डवी को कथित रूप से जिंदा जलाकर मार डाला गया। इससे तीन दिन पहले, 24 सितंबर 2017 को उसकी विदाई के बाद वह ससुराल पहुंची थी। घटना की सूचना मृतका के पिता को मोबाइल फोन से दी गई, जिसके बाद उन्होंने दुधारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए। सुनवाई के दौरान सह-आरोपी पाखण्डी और इन्द्रावती देवी की मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध न्यायिक कार्यवाही समाप्त कर दी गई। इसके बाद रिंकू चौहान ही मामले का एकमात्र जीवित आरोपी रहा।
दोनों पक्षों की दलीलों, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने रिंकू चौहान को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास तथा 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।







