किसानों को समय पर मिल रहे खाद-बीज: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
लखनऊ, 29 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों के लिए बीज, उर्वरक और सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक चुनौतियों और सामान्य से कम वर्षा के बावजूद प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 के खरीफ सीजन के लिए लगभग 107 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक करीब 95 प्रतिशत आच्छादन पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा के बावजूद कृषि विभाग और संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से किसानों को राहत प्रदान की गई।
किसानों को बीज और मिनीकिट का वितरण
मंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर 1,73,641 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा दलहन, तिलहन, बाजरा और सावा जैसी फसलों के 16,449 क्विंटल निःशुल्क मिनीकिट लगभग 6.13 लाख किसानों को वितरित किए गए हैं। साथ ही 1,23,379 क्विंटल बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए तोरिया बीज मिनीकिट योजना शुरू की गई है। इसके तहत 1,000 क्विंटल तोरिया बीज उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 600 क्विंटल निःशुल्क मिनीकिट तथा 400 क्विंटल अनुदान पर वितरित किए जाएंगे। पात्र किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा
कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है। फार्म मशीन बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और कृषि यंत्रों पर किसानों को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस वर्ष 25,900 कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अब तक 41 हजार से अधिक किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि 1 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश को 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हुआ। इसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 28.82 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है।
उपलब्ध स्टॉक में—
- 14.52 लाख मीट्रिक टन यूरिया
- 4.81 लाख मीट्रिक टन डीएपी
- 4.91 लाख मीट्रिक टन एनपीके
- 3.47 लाख मीट्रिक टन एसएसपी
- 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी शामिल है।
उन्होंने किसानों से घबराने की आवश्यकता न होने की बात कहते हुए कहा कि प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
सहकारी समितियों का विस्तार
कृषि मंत्री ने बताया कि जुलाई माह में सहकारी क्षेत्र द्वारा 3.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 1.07 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीएपी का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि पहले जहां लगभग 1,500 सहकारी समितियां उर्वरक वितरण करती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़ाकर लगभग 7,000 साधन सहकारी समितियां कर दी गई है।
सरकार का दावा
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में प्रतिदिन रिकॉर्ड स्तर पर उर्वरकों का वितरण हो रहा है तथा सभी बिक्री पीओएस मशीनों के माध्यम से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।







