पहले चरण में 6 जिलों की 110 ग्राम पंचायतों में सुविधा शुरू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवा केंद्र स्थापित करने की पहल शुरू की है। इस योजना के तहत अब ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने या उसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा।
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, पहले चरण में लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 110 ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन एवं अपडेट सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 75 हजार से अधिक आधार संबंधी सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से आधार सेवा केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 5,000 ग्राम पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पंचायत सहायकों को आधार ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 1,200 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा 179 ऑपरेटर आईडी सक्रिय हो चुकी हैं और 157 आधार मशीनें भी चालू कर दी गई हैं।
पंचायती राज विभाग का उद्देश्य भविष्य में ग्राम पंचायतों को डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि ग्रामीणों को आधार सेवाओं के साथ अन्य सरकारी सेवाएं भी गांव में ही आसानी से उपलब्ध हो सकें।
प्रमुख बिंदु
- 6 जिलों की 110 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा शुरू।
- अब तक 75,000 से अधिक आधार सेवाएं प्रदान की गईं।
- पहले चरण में 5,000 ग्राम पंचायतों तक योजना का विस्तार।
- लक्ष्य: प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र।
- 1,200 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण, 157 आधार मशीनें चालू।







