किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश
बाराबंकी। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद में शुक्रवार को 3,896.55 मीट्रिक टन यूरिया की नई खेप पहुंची। जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने रैक एवं उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों और विक्रेताओं को किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) की 2,573.55 मीट्रिक टन यूरिया निजी क्षेत्र के लिए तथा कृभको (KRIBHCO) की 1,323 मीट्रिक टन यूरिया सहकारिता क्षेत्र के लिए जनपद में प्राप्त हुई है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीसीएफ को आवंटित 519.30 मीट्रिक टन आईपीएल एवं 1,058.40 मीट्रिक टन कृभको यूरिया को सीधे समितियों तक भेजने के निर्देश दिए। शेष उर्वरक को निजी विक्रेताओं के माध्यम से फुटकर बिक्री केंद्रों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए कहा गया। साथ ही कंपनी प्रतिनिधियों को पीओएस मशीन पर ऑनलाइन आपूर्ति की पुष्टि (एक्नॉलेजमेंट) सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद जिला कृषि अधिकारी ने तहसील नवाबगंज के तीन उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया। मेसर्स सूर्या बीज भंडार, दादरा पर मौजूद किसानों धीरेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार, शिवाकांत और शिव दर्शन ने बताया कि उन्हें यूरिया निर्धारित सरकारी मूल्य पर उपलब्ध कराई गई।
जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों को बिना किसी टैगिंग के पीओएस मशीन के माध्यम से उनकी फार्मर रजिस्ट्री अथवा भूमि अभिलेख के अनुसार निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री चकबंदी, नाम के मिलान, वरासत या अन्य कारणों से नहीं बन पा रही है, उन्हें भौतिक सत्यापन के बाद भूमि अभिलेख एवं बोई गई फसल के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने बिक्री पंजिका में किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर, फार्मर पंजीकरण संख्या, भूमि विवरण और फसल का पूरा रिकॉर्ड दर्ज करना अनिवार्य बताया।
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई उर्वरक विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता या टैगिंग के माध्यम से बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







