कानून-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण को लेकर दिए कड़े निर्देश
श्रावण मास में मंदिरों की सुरक्षा, साइबर अपराध पर सख्ती, महिला सुरक्षा और लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर
रिपोर्ट: सुनील कुमार पाठक
महराजगंज। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चन्नप्पा ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषसिद्धि बढ़ाने तथा अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस लाइन पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर डीआईजी का स्वागत किया। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल अपराध, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, वाहन चोरी, लूट, हत्या, अवैध खनन, भूमि विवाद, गैंगस्टर व गुंडा एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की गई।
डीआईजी ने ई-साक्ष्य और यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल देते हुए महत्वपूर्ण मुकदमों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में वांछित और इनामी अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी, हिस्ट्रीशीटरों का नियमित सत्यापन तथा उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही अवैध खनन, गोकशी, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
श्रावण मास में सुरक्षा व्यवस्था रहे चाक-चौबंद
डीआईजी ने श्रावण मास को देखते हुए जिले के प्रमुख शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, रविवार और सोमवार को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखने तथा भीड़ और यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में नियमित पैदल गश्त और चेकिंग पर भी जोर दिया गया।
महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर विशेष फोकस
बैठक में महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता और सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। अफवाह फैलाने या भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया। बैंक, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के भी निर्देश दिए गए।
अनुशासनहीन पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई
डीआईजी एस. चन्नप्पा ने पुलिसकर्मियों के अनुशासन, वर्दी और आचरण को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई पुलिसकर्मी अनुशासनहीनता, आपराधिक गतिविधि या विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी कृत्य में संलिप्त पाया जाता है तो संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
साथ ही लाइन हाजिर और निलंबित पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने तथा उनके आचरण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
त्योहारों और जनसुनवाई पर भी दिए निर्देश
आगामी त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय नागरिकों और आयोजकों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने जिले में चल रहे विशेष अभियानों, अपराध एवं तस्करी नियंत्रण, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अंत में डीआईजी ने सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अनुशासित, संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितकारी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।







