3 अगस्त को असहयोग आंदोलन और सामूहिक अवकाश की घोषणा
गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) से संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (गुआक्टा) ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता में कुलपति पर शिक्षक एवं छात्र विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए 3 अगस्त को असहयोग आंदोलन और सामूहिक अवकाश (मास लीव) की घोषणा की।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन उनका पूरा कार्यकाल शिक्षक और छात्र हितों की उपेक्षा से भरा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की फीस में मनमानी बढ़ोतरी की, संबद्ध महाविद्यालयों पर भारी जुर्माना लगाया और शिक्षकों की न्यायोचित मांगों की लगातार अनदेखी की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर और सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज, गोरखपुर जैसे पुराने संस्थानों में संचालित शोध केंद्रों को समाप्त कर दिया गया। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के विपरीत शिक्षकों के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उनका कहना था कि वार्ता के दौरान कई बार मांगें मानने का आश्वासन दिया गया, लेकिन प्रशासन ने अपने वादे पूरे नहीं किए।
गुआक्टा के महामंत्री ने बताया कि 3 अगस्त को सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर असहयोग आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के सभी संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन में 600 से अधिक शिक्षक शामिल होकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष:
इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन या कुलपति प्रो. पूनम टंडन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







