पहले सावन सोमवार की सभी तैयारियां पूरी, वीआईपी पूजन पर रोक; निर्बाध बिजली आपूर्ति की उठी मांग
बाराबंकी। सावन माह की शुरुआत के साथ ही रामनगर तहसील स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री लोधेश्वर महादेव धाम में रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बाराबंकी, लखनऊ, गोंडा, बहराइच, कानपुर, उन्नाव सहित विभिन्न जनपदों से हजारों श्रद्धालु बाबा लोधेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजते रहे।
दोपहर करीब 11:30 बजे मंदिर के गर्भगृह में दशरथ पुजारी ने भगवान लोधेश्वर महादेव की विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दूध, दही, गंगाजल, शहद, भांग, धतूरा, मिष्ठान और पुष्प अर्पित कर जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन को उमड़ती है लाखों की भीड़
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री लोधेश्वर महादेव का शिवलिंग स्वयंभू एवं महाभारत कालीन है। इसी कारण सावन के दौरान यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धाम के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कॉरिडोर निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। प्रशासन के अनुसार प्रत्येक सावन सोमवार को यहां एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लगभग एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग, पार्किंग, यातायात नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पहले सावन सोमवार को वीआईपी पूजन नहीं
मंदिर के मुख्य पुजारी वीरेंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि 3 अगस्त को पड़ने वाले पहले सावन सोमवार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार रात्रि 12 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। सबसे पहले श्रृंगार पूजा होगी, इसके बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर जलाभिषेक करेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार और सोमवार को रुद्राभिषेक नहीं होगा तथा भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर वीआईपी पूजन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग
मुख्य पुजारी वीरेंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मंदिर परिसर में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन दिनभर कई बार बिजली बाधित होने से श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग से सावन मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।







