चंदौली: बच्चों और किशोर-किशोरियों को पेट में होने वाले कृमि संक्रमण से बचाने के लिए जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान की शुरुआत की गई। जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने स्कूली छात्राओं को स्वयं एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखना है। अभियान के तहत जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों तक कृमिनाशक दवा की पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारणवश अभियान के दिन दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें निर्धारित मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाए।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के शरीर में कृमि संक्रमण होने से कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से कृमिनाशक दवा लेने से बच्चों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है और उनकी पढ़ाई के दौरान एकाग्रता भी बेहतर हो सकती है।
उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। विशेष रूप से खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जाए, ताकि बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सके। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






