श्रावस्ती जिला कारागार का शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद, जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल में बंद कैदियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और बंदियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। न्यायमूर्ति ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों को मिलने वाली सभी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान टीम ने कारागार की रसोई, खाद्यान्न स्टोर, महिला बैरक, पुरुष बैरक, किशोर बैरक और अस्पताल का जायजा लिया। अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के लिए जेल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद ने बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल में उपलब्ध सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। अधिकारियों ने रसोई और अस्पताल समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी जानकारी ली और बंदियों की मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद ने महिला बंदियों से मुलाकात की और उन्हें फल व उपहार वितरित किए। इस मौके पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीत यादव, जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार और बंदियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए।





















