अयोध्या के समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व राज्यमंत्री अमृत राजपाल ने लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। राजपाल के अनुसार, बैठक के दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्हें संगठन से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को प्रभु श्रीकृष्ण की प्रतिमा और अयोध्या में आयोजित प्रभु झूलेलाल चालीहा महोत्सव का प्रसाद भेंट किया।
अमृत राजपाल ने कहा कि सिंधी समाज के सम्मान और स्वाभिमान को लेकर समाजवादी पार्टी में उनकी आवाज उठाई जाएगी। वहीं, उनके मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी सभी वर्गों को सम्मान देने की दिशा में काम करती है और सभी के सहयोग से 2027 में सरकार बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अखिलेश यादव की ओर से कही गई इन बातों को राजपाल ने सिंधी समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
राजपाल ने भाजपा सरकार पर सिंधी समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिंधी अकादमी के गठन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर समाज की लंबे समय से मांगें रही हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी की स्थापना 7 फरवरी 1996 को भाषा विभाग के तहत की गई थी। वहीं, 2023 में सिंधी समाज के एक संगठन ने अकादमी के पुनर्गठन और बजट बढ़ाने की मांग भी की थी।
अमृत राजपाल ने कहा कि सिंधी समाज के लोग 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक भागीदारी को लेकर सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ खड़े होने और अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने की बात कही। यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दलों की तैयारियां जारी हैं और सपा भी संगठनात्मक स्तर पर अपनी गतिविधियां बढ़ा रही है।





















