रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने के लिए करीब 65 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को निशुल्क देने की मंजूरी दी गई है। यह जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को हस्तांतरित की जाएगी। सरकार के इस कदम को अयोध्या में बढ़ती भीड़ और लगातार बढ़ते धार्मिक व पर्यटन महत्व के बीच सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। राम मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और वीआईपी मेहमानों की मौजूदगी को देखते हुए आपात स्थिति में त्वरित सुरक्षा प्रतिक्रिया की जरूरत भी बढ़ी है।
65 एकड़ जमीन पर बनेगा केंद्र
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक अयोध्या की मिल्कीपुर तहसील के पूरे लालखान गांव में स्थित करीब 26 हेक्टेयर यानी 65 एकड़ सरकारी जमीन NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए दी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 16.90 करोड़ रुपये है, लेकिन राज्य सरकार इसे बिना किसी शुल्क के केंद्र को हस्तांतरित करेगी। इस जमीन का इस्तेमाल केवल NSG केंद्र की स्थापना के लिए किया जा सकेगा। तय अवधि के भीतर परियोजना पर काम शुरू करना भी जरूरी होगा। अगर निर्धारित समय में जमीन का इस्तेमाल नहीं किया गया या भविष्य में इसकी जरूरत नहीं रही, तो जमीन वापस राज्य के राजस्व विभाग के पास जाने का प्रावधान रखा गया है।
आपात स्थिति में तेजी से पहुंच सकेंगे NSG कमांडो
अयोध्या में क्षेत्रीय केंद्र बनने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में NSG की प्रतिक्रिया क्षमता स्थानीय स्तर पर बेहतर हो सकेगी। NSG केंद्र सरकार की विशेष आतंकवाद रोधी बल है और उसे गंभीर आतंकी घटनाओं जैसी असाधारण परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। आधिकारिक NSG के अनुसार बल का उद्देश्य आतंकवाद से जुड़ी गंभीर परिस्थितियों में तेजी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई करना है।
अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आधार
सरकार के मुताबिक राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या का महत्व और बढ़ा है। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय अत्याधुनिक केंद्रीय सुरक्षा संसाधनों से जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है। अयोध्या में NSG की मौजूदगी से किसी बड़े खतरे की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बेहतर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, NSG का इस्तेमाल सामान्य कानून-व्यवस्था के बजाय विशेष और गंभीर सुरक्षा परिस्थितियों में किया जाता है।
NSG क्या है?
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी NSG भारत की विशेष आतंकवाद रोधी फोर्स है। इसे खास तौर पर आतंकवादी हमलों, बंधक संकट और दूसरी गंभीर सुरक्षा परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। NSG के आधिकारिक विवरण के मुताबिक यह गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय स्तर की आतंकवाद रोधी फोर्स है, जिसका इस्तेमाल असाधारण परिस्थितियों में किया जाता है।





















