सरोजनीनगर, लखनऊ। सरोजनीनगर तहसील में शनिवार को जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इस दौरान तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसीलदार और लेखपालों की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें जिलाधिकारी के सामने रखीं। बार एसोसिएशन अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह और महामंत्री राजेंद्र यादव के नेतृत्व में पहुंचे अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर अधिवक्ताओं और आम जनता से अभद्र भाषा में बात करने तथा फोन नहीं उठाने का आरोप लगाते हुए स्थानांतरण की मांग की।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लेखपाल अपने आवास से कार्यालय संचालित कर रहे हैं और अवैध वसूली के लिए सहायक रखे हुए हैं। उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से एक ही क्षेत्र में तैनात लेखपालों को हटाने, नायब तहसीलदार बिजनौर न्यायालय का चार्ज किसी अन्य अधिकारी को देने और नए नायब तहसीलदार के साथ पूर्णकालिक राजस्व निरीक्षक की तैनाती की मांग की। इसके अलावा धारा-98 और 80 में पूर्व व्यवस्था लागू करने, धारा-76 के मामलों का जल्द निस्तारण और धारा-34 की पत्रावलियों को समयबद्ध तरीके से निपटाने की मांग भी रखी गई।
अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नवसृजित न्यायालयों के लिए दो अतिरिक्त कक्ष, परिसर के सामने नाले का निर्माण, वादकारियों के बैठने के लिए बेंच, खराब वाटर कूलर और सौर ऊर्जा लाइटों को दुरुस्त कराने की मांग की। वहीं आशियाना क्षेत्र के हिमांशु तिवारी ने विवादित भूखंड पर तथ्यों को छिपाकर अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने की शिकायत की। बंथरा के श्याम बिहारी ने कृषि कनेक्शन में छह वर्षों से कम पावर मिलने और कम वोल्टेज से फसल प्रभावित होने की बात कहते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग की।
डीएम के पहुंचने से पहले भाजपा जिला मंत्री संजीव कुमार मिश्रा ने महिलाओं के साथ ब्लॉक कार्यालय के अधिकारियों पर सरकारी योजनाओं में लापरवाही और गौशाला अनुदान में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंपों और सुलभ शौचालय योजना में लाभार्थियों को धनराशि नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सभी शिकायतें सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। तहसीलदार और लेखपालों पर लगाए गए आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया।





















