नई दिल्ली: UPI ट्रांजेक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों का विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली-NCR के कुछ पेट्रोल और CNG पंपों पर ‘No UPI, Only Cash’ के पोस्टर नजर आए हैं। वहीं, ग्राहकों से नकद या कार्ड के जरिए भुगतान करने को कहा जा रहा है।
दरअसल, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4 फीसदी MDR लागू होने की व्यवस्था की गई है। पेट्रोल और ईंधन क्षेत्र के लिए अलग शुल्क व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। यह शुल्क ग्राहकों से सीधे वसूलने की अनुमति नहीं होगी, लेकिन पेट्रोल पंप डीलरों और कारोबारियों का कहना है कि अतिरिक्त लागत उनके लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट में भी व्यापारियों ने UPI चार्ज के विरोध में अपनी दुकानों पर ‘No UPI’ के पोस्टर लगाए। यह विरोध चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के नेतृत्व में हुआ। व्यापारियों का कहना है कि छोटे और मध्यम कारोबारियों के मार्जिन पहले से सीमित हैं और अतिरिक्त शुल्क से उनकी लागत बढ़ सकती है।
पेट्रोल पंप संगठनों ने भी शुल्क को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ईंधन कारोबार में मार्जिन सीमित होने के कारण अतिरिक्त MDR का बोझ उठाना मुश्किल होगा और ऐसे में UPI भुगतान को सीमित करने का विकल्प अपनाना पड़ सकता है। इससे डिजिटल भुगतान की सुविधा पर असर पड़ने और ग्राहकों को नकद भुगतान की ओर लौटना पड़ने की आशंका व्यापारियों की ओर से जताई जा रही है।





















