ज्योतिषाचार्य जय सिंह
मेदनी ज्योतिष में चैत्र- प्रतिपदा की कुंडली का बहुत अधिक महत्व है ,इससे हमारे ऋषि मुनि पूरे वर्ष की गणना करते थे कि हमारा देश किस प्रकार से कार्य करेगा और एक वर्ष में क्या-क्या मुख्य घटनाएं घट सकती हैं। एक तरह से देखा जाए तो यह देश की कुंडली की तरह काम करता है ।
1-इस वर्ष मीन लग्न का उदय होना और वहां पर सूर्य ,चंद्रमा ,शनि और शुक्र विराजमान है तो कुछ चीजों के लिए तो बहुत अच्छा है और कुछ चीजों पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह भी लगा हुआ है।
2- यहां पर गुरु चतुर्थ भाव में लग्नेश होकर के स्थित है जो कि दशमेश भी है और दशम भाव को देख रहा है तो सरकार की पोजीशन तो यहां पर स्थिर, अच्छी और मजबूत दिखाई देती है।
3-यहां पर सप्तमेश और चतुर्थ जो कि— विदेश को और विपक्ष को दिखाता है उसका स्वामी बुध है जो की द्वादश भाव में राहु के साथ डिग्री सहित युति बना रहा है ,और साथ में मंगल विराजमान है जो कि विपक्ष की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। उसका संबंध विदेशियों के साथ और विदेशी धन के साथ जुड़ता हुआ दिखाई देता है ,इससे संबंधित कुछ खुलासे भी इस वर्ष हो सकते हैं।
4-सप्तमेश द्वादश भाव में पीड़ा की स्थिति में अतः स्पष्ट है जो हमारे शत्रु देश है उनकी हालत खराब होगी।
5- यहां पर पांचवें,छठे, सातवें ,आठवें ,नवम का संबंध लगन से हो रहा है ऐसे में यहां पर फिर से कोई नए वायरस आने की संभावना को दिखा रहा है ।
6-यहां पर शुक्र उच्च का है लगे लग्न में स्थित है अष्टमेश और तृतीयेश होकर के तो निश्चित तौर पर बड़े खुलासे हो सकते हैं जो देश हित के लिए अच्छे नहीं होंगे। साथ ही स्त्रियों की स्थिति कमजोर बनी हुई है ।
7- नंदा तिथि और गुरुवार का दिन – मृत्यु योग बनता है अतः सावधानी ही बचाव है विशेषकर बच्चों से संबंधित रोगों को लेकर के।
महाबलशाली योग –
– यहां पर कुछ योग है जो इस कुंडली को बहुत ही पावरफुल कुंडली बना देते हैं –
1-पहले तो सूर्य के उदय के समय गुरुवार का दिन है जब चैत्र प्रतिपदा हो रही है और गुरु की ही होरा मिल रही है, और गुरु ही इस वर्ष का राजा बना हुआ है इसलिए एक बहुत ही बलशाली योग बना देता है ।
2–शंख- योग ,गज- केसरी योग ,विष- योग , शुक्र- चंद्र राजयोग , पर्वत नाम का महा राजयोग बन रहा है जो देश को नई ऊंचाइयां देता हुआ दिखाई देता है और भारत देश को विश्व का मुखिया बनते हुए दिख रहा है । विज्ञान के क्षेत्र में शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व कीर्तिमान देश इस वर्ष स्थापित करेगा।
9- यहां पर शुक्ल- योग है एवं नाग- कारण है और राशि पाया स्वर्ण है राजा गुरु के संरक्षण में बड़े समझदारी के साथ भारत देश आगे बढ़ता हुआ दिखाई देता है।




