‘पर्ची वाले बाबाओं’ को दी खुली चुनौती, बोले— दिव्य शक्ति का दावा है तो चंदा प्रकरण का सच बताएं
अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी प्रकरण को लेकर तापसी छावनी पीठ के उत्तराधिकारी महंत राजर्षि एकनाथ महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बिना किसी व्यक्ति का नाम लिए पर्ची निकालने, भविष्य बताने और चमत्कार का दावा करने वाले बाबाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनके पास वास्तव में दिव्य शक्ति है तो उन्हें इस प्रकरण का सच सामने लाकर अपनी सिद्धि साबित करनी चाहिए।
महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि जब रामलला के दरबार से जुड़े कथित चंदा प्रकरण की चर्चा पूरे देश में हो रही है, तब स्वयं को अलौकिक ज्ञान का धनी बताने वाले लोग यह बताएं कि धन किसने लिया और वह कहां गया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी कथित सिद्धियां वास्तविक हैं तो समाज से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा करें, केवल मंचों पर लोगों को प्रभावित करने तक सीमित न रहें।
उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर चमत्कार का माहौल बनाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उनके अनुसार सनातन धर्म साधना, तप और सत्य का मार्ग है, न कि चमत्कार और रहस्य का प्रदर्शन। उन्होंने कहा कि भगवान राम का नाम दिखावे का नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और आदर्श जीवन का प्रतीक है।
महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं को दिव्य ज्ञान से संपन्न बताता है, उसे राम मंदिर चंदा प्रकरण जैसे मामले में सत्य सामने लाकर अपने दावों की पुष्टि करनी चाहिए। यदि ऐसा संभव नहीं है तो लोगों को भ्रमित करने वाले दावे करने से बचना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आज कई तथाकथित ‘पर्ची वाले बाबा’ और चमत्कार दिखाने वाले प्रवचनकर्ता आस्था को व्यवसाय और मनोरंजन का माध्यम बना रहे हैं। इससे अंधविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है और धर्म की मूल भावना प्रभावित हो रही है।
महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि धर्म की रक्षा चमत्कारों से नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, त्याग और साधना से होती है। उन्होंने समाज से अपील की कि धर्म के नाम पर किए जाने वाले किसी भी दावे को विवेक और प्रमाण के आधार पर परखें।








