बाराबंकी: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के तहत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित 328 एकल ग्राम परियोजनाओं की परियोजनावार प्रगति की समीक्षा की और सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक परियोजना में लगाए गए श्रमिकों की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्ययोजना के अनुसार निर्माण कार्यों में पर्याप्त संख्या में श्रमिक लगाए जाएं, ताकि परियोजनाओं को समय से पूरा किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा पर्याप्त संख्या में श्रमिक नहीं लगाए जा रहे हैं, उनके भुगतान को नियमानुसार रोकने की कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधनों और पर्याप्त श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइनों के क्षतिग्रस्त होने के मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों का संयुक्त सर्वे कर उनकी स्थिति का परीक्षण कराया जाए। साथ ही, जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल दुरुस्तीकरण का कार्य कराया जाए, ताकि पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुचारु और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण), लोक निर्माण विभाग, बाढ़ खंड सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जल जीवन मिशन की कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






















