उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
गोरखपुर की महिला का आरोप— जमीन पर अवैध कब्जा, फर्जीवाड़ा और उत्पीड़न; स्थानीय प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप
गोरखपुर। तहसील एवं थाना सहजनवां क्षेत्र के ग्राम मुस्तफाबाद (उर्फ मलउर) निवासी कृष्ण कान्ति सिंह ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर जमीन विवाद, कथित अवैध कब्जे, फर्जीवाड़े और उत्पीड़न के मामले में न्याय न मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस वार्ता में कृष्ण कान्ति सिंह ने दावा किया कि वर्ष 1991 में दीवानी न्यायालय में बेचू सिंह और विन्ध्याचल सिंह के बीच सुलहनामा हो चुका था। इसके बावजूद आरोप है कि विष्णु प्रताप द्वारा राजस्व अभिलेखों में अलग खाता दर्ज नहीं होने दिया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पीछे स्थित लगभग 40 डिसमिल भूमि (आराजी संख्या 308 क) पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिसमें उनका आधा हिस्सा है। साथ ही मकान के सामने स्थित सहन की भूमि पर भी कथित रूप से कब्जा किए जाने का आरोप लगाया।
महिला का यह भी आरोप है कि वर्ष 2017 में आराजी संख्या 262, 263 और 264 से संबंधित कथित फर्जी आदेश के आधार पर लगभग 25 हजार रुपये मूल्य के पांच आम के पेड़ काटकर बेच दिए गए।
कृष्ण कान्ति सिंह ने बताया कि इस मामले में उपजिलाधिकारी न्यायालय में वाद संख्या 1648/2017 (कम्प्यूटरीकृत संख्या T2017053135061684) की सुनवाई हुई थी, जिसमें वर्ष 2024 में उनके पक्ष में निर्णय आया। उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें अभी तक राहत नहीं मिली और विपक्षी पक्ष द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार थाना और तहसील प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिए गए। साथ ही मुख्यमंत्री से भी दो बार मिलकर शिकायत की, जहां से कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता रहा।
प्रशासनिक स्तर पर राहत न मिलने से परेशान होकर कृष्ण कान्ति सिंह ने प्रेस वार्ता के माध्यम से उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा न्याय दिलाने की मांग की।







