नाविकों और दुकानदारों की बढ़ी चिंता
वाराणसी। गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज होने से वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों और नाविकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल किसी तरह के खतरे से इनकार करते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है।
केंद्रीय जल आयोग के मिडिल गंगा डिवीजन के अनुसार, गुरुवार सुबह 6 बजे वाराणसी स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 60.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर निर्धारित है। इस हिसाब से वर्तमान जलस्तर अभी भी खतरे के स्तर से लगभग 11.90 मीटर नीचे है।
जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नाविकों और घाट किनारे कारोबार करने वाले लोगों ने जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखी है। प्रशासन ने कहा है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि वाराणसी में गंगा का अब तक का सर्वाधिक बाढ़ स्तर 73.901 मीटर नौ सितंबर 1978 को दर्ज किया गया था।






