अभिषेक कुमार सिंह
गाजीपुर। गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में मरीज के परिजन की बाउंसरों द्वारा कथित पिटाई का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के दूसरे दिन रविवार को भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहां की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज की कई गंभीर खामियों को उजागर करते हुए नाराजगी जताई और मामले से जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को अवगत कराने की बात कही।
एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने लखनऊ से ही जनपद के अधिकारियों और मेडिकल कॉलेज प्रशासन से बातचीत की थी, लेकिन प्राचार्य से हुई वार्ता से वह संतुष्ट नहीं हुए। इसी कारण वह स्वयं गाजीपुर पहुंचकर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने आए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड और अन्य संवेदनशील स्थानों पर केवल जरूरतमंद व्यक्तियों की ही मौजूदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी मेडिकल कॉलेज में बाउंसरों की तैनाती नियमावली के अनुरूप नहीं है। ऐसे में आखिर किस परिस्थिति में बाउंसर रखे गए और उन्होंने मरीज के परिजन के साथ मारपीट क्यों की, इसकी निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एमएलसी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में लगाए गए कई सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जो सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की भी भारी कमी पाई गई। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है।
उन्होंने डॉक्टरों की उपस्थिति व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। एमएलसी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के आने की एंट्री तो दर्ज होती है, लेकिन उनके जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं रहता। उन्होंने डॉक्टरों के “इन” और “आउट” दोनों का बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने की मांग की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन डॉक्टर कब आया और कब गया।
भाजपा एमएलसी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा गाजीपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा मेडिकल कॉलेज के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट दिया गया है। ऐसे में यह सभी की जिम्मेदारी है कि वहां मौजूद कमियों को दूर कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाए।
इस पूरे मामले के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।




