मुनि श्री सौम्य सागर बोले— रील नहीं, रियल जीवन से जुड़ें युवा
बाराबंकी। शहर के सरावगी मोहल्ला स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर में रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य मंगल कलश स्थापना महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में बाराबंकी सहित लखनऊ, फतेहपुर, टिकैतनगर, महमूदाबाद, त्रिलोकपुर तथा मध्यप्रदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य महावीर प्रसाद धनावत, राजकुमार धनावत, प्रदीप जैन एवं पंकज जैन परिवार को प्राप्त हुआ, जबकि मंदिर परिसर में ध्वजारोहण का सौभाग्य दीपक जी एवं हर्षित सेठी परिवार ने प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
इस अवसर पर मुनि श्री सौम्य सागर जी महाराज ने अपने प्रेरक प्रवचन में युवाओं को मोबाइल और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से निकलकर वास्तविक जीवन से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चातुर्मास का यह वर्ष विशेष रूप से युवाओं को “रील से रियल जीवन” की ओर प्रेरित करने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि लगातार रील देखने से केवल जानकारी मिलती है, जबकि वास्तविक ज्ञान आत्मचिंतन और अध्ययन से प्राप्त होता है। अधूरी जानकारी व्यक्ति को मानसिक तनाव और अवसाद की ओर ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि “उधार का ज्ञान हमेशा विनाशकारी होता है।”
महोत्सव के दौरान नन्हीं बालिकाओं ऋषभा, काव्या एवं दीक्षा ने भावपूर्ण धार्मिक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में वीरेन्द्र कुमार जैन, अतुल जैन, सुभाष गंगवाल, अर्चित जैन, सचिन जैन, वर्धमान धनावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।







