फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नौकरी दिलाने का आरोप, बांसगांव पुलिस ने दर्ज मुकदमे में की कार्रवाई
गोरखपुर। सचिवालय में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रूप से 10 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में गोरखपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विनय तिवारी उर्फ विपिन तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, थाना बांसगांव में 13 जून 2026 को दर्ज एफआईआर में पीड़िता खुशी यादव ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे कुल 10 लाख रुपये लिए। शिकायत के मुताबिक, इनमें 3.50 लाख रुपये आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से तथा 6.50 लाख रुपये नकद लिए गए।
आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपी ने एक कथित नियुक्ति पत्र सौंपा और लखनऊ सचिवालय में जॉइनिंग कराने का भरोसा दिलाया। जब पीड़िता सचिवालय पहुंची तो वहां जानकारी मिली कि नियुक्ति पत्र कथित रूप से फर्जी है।
इसके बाद पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि इस घटना से परिवार को आर्थिक और मानसिक क्षति हुई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में आरोपी के रूप में विनय तिवारी उर्फ विपिन तिवारी, निवासी कौड़ीराम, गोरखपुर का नाम दर्ज किया गया था। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी कथित रूप से फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी की है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







