ग्रामीणों की समस्याएं मौके पर सुनी गईं
गाजीपुर। ग्रामीणों को न्याय के लिए अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान के तहत शुक्रवार को जखनिया गोविंद गांव में पहली बार सचल (मोबाइल) कोर्ट का आयोजन किया गया। ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश अमित कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस कोर्ट में भूमि विवाद, घरेलू हिंसा और पारिवारिक कलह सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई।
इस दौरान उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अतुल कुमार भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
भूमि विवाद और पारिवारिक मामलों की हुई सुनवाई
मुड़ियारी निवासी नवीन श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण उनकी मुंबई की नौकरी छूट गई और परिवार के भरण-पोषण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। न्यायाधीश और एसडीएम ने मामले के निष्पक्ष एवं शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
इसी तरह कुड़िला गांव के लक्ष्मण चौहान का भूमि विवाद तथा दीपक का पारिवारिक विवाद भी कोर्ट में रखा गया। दीपक ने पत्नी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की, जिस पर न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को आपसी समझ और संवाद से विवाद सुलझाने की सलाह दी।
खेल मैदान पर अवैध कब्जे का मुद्दा भी उठा
वाजिदपुर निवासी रामराज चौहान ने अपनी भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। वहीं, ग्रामीणों ने जखनिया गोविंद गांव के खेल मैदान पर कथित अवैध कब्जे का मुद्दा भी उठाया और इसे हटाने की मांग की, ताकि बच्चों और खिलाड़ियों को खेलकूद की सुविधा मिल सके।
सात मामलों का हुआ पंजीकरण
एसडीएम अतुल कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर आयोजित इस पहले सचल कोर्ट में कुल सात वाद दर्ज किए गए, जिन पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आमजन किसी भी कानूनी सहायता के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।
इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि अशोक चौहान, लेखपाल विपिन कुमार, ग्राम सचिव प्रमोद, सतेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।







