लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र की शमा विहार कॉलोनी में कबाड़ का कारोबार शुरू करने के नाम पर 3.15 लाख रुपये लेने और बाद में रकम वापस न करने का मामला सामने आया है। पीड़ित आसिफ अहमद की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने सैफ आलम और उसकी मां आयशा उर्फ तारा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि रुपये लेने के बाद दोनों कॉलोनी छोड़कर चले गए।
शमा विहार कॉलोनी निवासी आसिफ अहमद के मुताबिक, सैफ आलम और उसकी मां आयशा उर्फ तारा करीब पांच-छह वर्षों से मोहल्ले में किराये पर रह रहे थे। इस दौरान दोनों ने स्थानीय लोगों से अच्छे संबंध बना लिए थे। आरोप है कि 21 फरवरी 2025 को मां-बेटे ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कबाड़ का कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद मांगी और तय समय पर रकम लौटाने का भरोसा दिया। इस पर आसिफ ने 21 फरवरी से एक अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग तारीखों में यूपीआई के जरिए सैफ के खाते में कुल 3.15 लाख रुपये भेजे।
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने 67,500 रुपये वापस कर दिए थे, जबकि शेष रकम लौटाने के लिए एक जनवरी 2026 तक का समय मांगा था। आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी रकम नहीं लौटाई गई और दोनों मोहल्ला छोड़कर चले गए। बाद में पूछताछ के दौरान आसिफ को कथित तौर पर पता चला कि अन्य लोगों से भी रुपये लिए गए हैं। इसके बाद उन्होंने तीन जनवरी 2026 को सरोजनीनगर थाने में शिकायत की और 16 अप्रैल को पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी गुहार लगाई।
आसिफ के मुताबिक, शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपों और लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।





















